एक पंडित अपने कंधे पर एक बकरी को लेकर घर जा रहा था । एक अमीर यजमान ने वह बकरी उसे दी थी । 

तीन ठगों ने उसे ठगने का निश्चय किया । एक ठग ने जाकर पंडित से पूछा कि वह एक कुत्ते को अपने कंधों पर क्यों उठाकर ले जा रहा था । पंडित क्रोधित हुआ पर चलता रहा । थोड़ी देर के बाद दूसरे ठग ने पास जाकर पूछा कि वह एक मरे हुए बछड़े को क्यों उठाकर चल रहा था । पंडित उसकी बात अनसुनी कर चुपचाप चलता रहा । 

थोड़ी देर बार उसे तीसरा ठग मिला । उसने कहा कि वह गधे को क्यों उठाकर चल रहा था । अब पंडित भयभीत हो उठा । उसने सोचा अवश्य ही इस जानवर में कुछ गड़बड़ है तभी तो वह अलग - अलग लोगों को अलग - अलग रूपों में दिखाई दे रहा था । भयभीत होकर , उसने बकरी वहीं छोड़ी और भाग खड़ा हुआ । तीनों ठग बकरी पाकर प्रसन्न हो गए ।


 शिक्षाः दूसरों की बातों में नहीं आना चाहिए ।

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