एक विशाल बड़गद के वृक्ष पर ढेर सारे सारस रहते थे । वहीं एक नाग भी रहता था । नाग सारस के बच्चों को पंख निकलने से पहले ही खा लिया करता था । परेशान होकर एक बार माँ सारस रोने लगी । एक केकड़े ने उसे रोते हुए देखा तो उसने उसकी सहायता करने का निश्चय किया । उसने अपने मन में सोचा , “ ये सारस हमारे शत्रु हैं । उनसे बदला लेने का यह सुअवसर है । " केकड़े ने सारस से कहा कि वह नेवले के बिल से नाग के बिल तक मछलियाँ डाल दे । नेवला मछली खाते - खाते नाग तक पहुँचेगा और उसे खा लेगा । सारस ने प्रसन्न होकर वैसा ही किया । नेवले ने नाग तक पहुँचकर उसे मार डाला । उसके बाद नेवले ने सारसों पर धावा बोला । अंततः सारसों को अपनी जान बचाकर वहाँ से भागना ही पड़ा ।

 शिक्षाः अपनी समस्या के निदान के लिए शत्रुओं पर कभी विश्वास नहीं करना चाहिए ।

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