एक बार सभी पक्षियों ने जंगल में एकत्रित होकर अपना नया नेता चुनने का निर्णय किया । चतुर और जिम्मेदार होने के कारण सबने एक मत से उल्लू को अपना नेता बनाना निश्चित किया । सभी उत्साहित और प्रसन्न थे । सभी तैयारियाँ हो चुकी थीं । दो पक्षी हार भी ले आए थे । उल्लू का राजतिलक होने ही वाला था कि एक कौआ आ गया । उसने कहा कि इतने अच्छे - अच्छे पक्षियों के होते हुए दिन में अंधे पक्षी उल्लू को वे सब राजा क्यों बना रहे हैं । बात पक्षियों को समझ आ गई । उल्लू को कौए पर बहुत क्रोध आया । उसने कहा कि आज से वह उसका शत्रु होगा । सभा समाप्त हो गई । सभी पक्षियों के चले जाने के पश्चात् कौए ने सोचा , “ मैंने बेकार में उल्लू को अपना वैरी बना लिया । " कौए को आश्चर्य हो रहा था कि आखिर उसने उल्लू से झगड़ा मोल ही क्यों लिया । 

शिक्षा : एक बार बोले गये शब्द वापस नहीं लिए जा सकते ।

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