जंगल में एक ऋषि रहते थे । कठोर तप के बल से उन्हें कई सिद्धियाँ प्राप्त हो गई थीं ।

  Kritighn-Chuha-Panchtantra-ki-Hindi-Kahaniya 

 एक दिन ऋषि तपस्या कर रहे थे । तभी कहीं से एक चूहा उनके पास दौड़ता हुआ आया और सहायता मांगने लगा । उसने ऋषि से कहा कि कृपया उसे बिल्ली से बचा लें ।

 ऋषि ने उसे बिल्ली बना दिया । कुछ दिनों के बाद चूहा फिर दौड़ता हुआ आया और कुत्तों से बचाने की गुहार करने लगा । ऋषि ने इस बार उसे कुत्ता बना दिया ।

 कुछ दिनों बाद फिर आकर उसने कहा कि बाघ उसके पीछे पड़ा था । अपनी शक्ति से ऋषि ने उसे बाघ में परिवर्तित कर दिया । 

फिर एक दिन बाघ बने चूहे ने ऋषि के पास आकर कहा कि उसे बहुत भूख लगी थी और वह उन्हें खाना चाहता था । ऋषि ने उसे शिक्षा देना आवश्यक समझा ।

 बाघ ऋषि पर झपटने ही वाला था तभी ऋषि ने तुरंत उसे फिर से चूहा बना दिया । 

शिक्षा अधिकार उसे ही देना चाहिए जो उसके लायक हो ।

Post a Comment