बहुत पुरानी बात है ... एक राजा जानवरों को बहुत पसंद करता था । उसके पास एक पालतू बंदर था जो उसकी सेवा किया करता था ।

  Raja-Aur-Bandar-Panchtantra-ki-Kahani 

बंदर का सेवक होना राजा के मंत्रियों को पसंद नहीं था । सदा राजा को सचेत किया करते थे पर उनके मना करने पर भी राजा मंत्रियों की बात नहीं सुनते थे । एक दिन दोपहर में राजा विश्राम कर रहे थे । 


उन्होंने बंदर से यह ध्यान रखने के लिए कहा कि कोई भी भीतर न आए और उनकी नींद में विघ्न न डाले । कुछ देर बाद एक मक्खी आकर राजा के पास भिनभिनाने लगी । 


बंदर उसे बार - बार भगाता पर वह बार - बार आ जाती थी । आखिरकार थककर बंदर ने मक्खी को पाठ पढ़ाना चाहा । राजा का छुरा लेकर उसने मक्खी को जोर से मारा । मक्खी तो उड़ गयी पर राजा घायल हो गये । 


बंदर बेचारा हक्का बक्का रह गया । वह समझ ही नहीं पाया कि ऐसी गलती कैसे हो गया । 


शिक्षा : मूर्ख को अपना सेवक नहीं रखना चाहिए ।

Post a Comment