एक समय की बात है ... राजा का मंत्री किसी कार्यवश शहर से बाहर गया हुआ था । 


Dhongi-Sanyasi

एक ढोंगी सन्यासी ने शहर में आकर लोगों के बीच अपनी धाक जमा ली । राजा ने प्रभावित होकर उसे अपना अतिथि बना लिया । एक दिन सन्यासी ने दावा किया कि वह दिव्य शरीर धारण कर स्वर्ग जा सकता है । 


मूर्ख राजा ने उस पर विश्वास कर लिया । वह पूरे समय सन्यासी की बातों में खोया रहता था । राज काज से भी राजा का ध्यान हटने लगा । मंत्री ने वापस आकर यह सारा माजरा देखा । उसने सन्यासी से दिव्य शक्तियों के प्रदर्शन के लिए कहा ।


 सन्यासी एक चबूतरे पर बैठ गया । उसने कहा कि एक दिव्य शरीर धारण कर , पार्थिव शरीर छोड़ वह स्वर्ग जाएगा । मंत्री ने चारों ओर आग लगाकर उसके पार्थिव शरीर को जलाने की योजना बनाई जिससे सभी दिव्य शरीर को स्वर्ग जाता देख सकें ।


 मंत्री की योजना काम कर गई । आग जलते ही ढोंगी सन्यासी जान बचाकर भाग गया । 


शिक्षा : ढोंगी का ढोंग सामने आ ही जाता है ।

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