हाथी और गौरैया एक पेड़ पर गौरैया का एक जोड़ा रहता था । एक दिन गर्मी से परेशान होकर एक जंगली हाथी ने पेड़ की डाल पर अपनी सूँढ पटकना शुरु कर दिया ।

  Panchtantra-ki-kahani-Hathi-or-Goreyya 

 उसी डाल पर गौरेया का घोंसला था । डाल टूटने से घोंसला गिर पड़ा । फलतः गौरैया के अंडे टूट गए । उदास गौरैया को देखकर एक कठफोड़वा उन्हें अपनी मित्र मक्खी के पास ले गया और पूरी कहानी बताई । 

मक्खी ने एक योजना बनाई । उसके अनुसार मक्खी ने मेंढक से सहायता लेने के लिए कहा । मेंढक ने सारी बात सुनकर मक्खी को हाथी के कान में घुसकर भिनभिनाने के लिए कहा । फिर कठफोड़वा और मेंढक हाथी को जंगल के दलदल के पास ले जाएंगे । 

योजना पर सबने सहमति दी । सब योजनानुसार हाथी को दलदल तक लाये । हाथी फंस गया बाद में वह जंगल के उस भाग को छोड़कर सदा के लिए दूसरी ओर चला गया ।


 शिक्षा : मुसीबत में दोस्ती काम आती है ।

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