हंस और उल्लू एक हंस और एक उल्लू में गाढ़ी मित्रता थी । दोनों अक्सर मिलते और बातें करते हुए समय बिताते थे । एक दिन हंस ने उल्लू को कुछ दिनों के लिए अपने घर बुलाया ।

  Hans-Aur-Ullu-Panchtantra-ki-Kahaniदोनों ने साथ - साथ खूब मजा किया । वापस जाते समय उल्लू ने भी हंस को अपने घर आने का निमंत्रण दिया । कुछ महीनों बाद हंस उल्लू से मिलने गया । उल्लू बहुत प्रसन्न हुआ और दोनों मजे में रहने लगे । 


एक दिन , दोनों घर के बाहर बैठे थे । उन्होंने देखा कि पास के वृक्ष के नीचे कुछ यात्री ठहरे हुए थे । अचानक उल्लू ने चिल्लाना शुरु किया । यात्रियों ने इसे अमंगलसूचक समझा और उल्लू को मारने का निश्चय किया । 


भोला - भाला हंस इन सबसे अनजान बैठा था । एक यात्री ने तभी अपना धनुष उठाकर उल्लू पर निशाना साधा । उसका निशाना चूक गया और तीर हंस को जा लगा । बेचारा घायल हंस उल्लू के घर फिर कभी नहीं आया । 

शिक्षाः मित्र का चयन सोच समझकर करना चाहिए ।

Post a Comment