एक बुनकर और एक बढ़ई अच्छे मित्र थे । बुनकर एक सुंदर राजकुमारी से प्रेम कर बैठा ।


Bunkar-Aur-Rajkumari-Panchtantra-Hindi-Kahaniya

 मन ही मन विवाह की इच्छा से परेशान होकर एक दिन उसने अपने बढ़ई मित्र से कहा कि वह उस राजकुमारी से विवाह करना चाहता था । 


बढ़ई ने एक बड़ी सी लकड़ी की चिड़िया बनाई और अपने मित्र को उसे उड़ाने का तरीका सिखा दिया । उसने बुनकर से कहा कि वह राजकुमारी के कमरे के बाहर उड़कर जाए और राजकुमारी के सामने विवाह का प्रस्ताव रखे । 


राजकुमारी ने उसे कोई देवता समझा और प्रभावित होकर विवाह के लिए अपनी सहमति दे दी । कुछ वर्षों के बाद राज्य पर आक्रमण हुआ । राजा ने अपने बहादुर दामाद से युद्ध करने के लिए कहा । 


बुनकर ने ईश्वर से सहायता मांगी । ईश्वर ने उसकी पुकार सुनकर शत्रुओं से युद्ध कर राज्य को बचाने में बुनकर की सहायता की । 


शिक्षाः सच्चे दिल से चाहने वालों की ईश्वर सदा सहायता करते हैं ।

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