एक बार की बात है। एक गांव में एक रमेश नाम का व्यक्ति रहता था।अपनी जिंदगी बहुत खुशहाली से बता रहा था।

लोगों ने देखा कि रमेश कुछ दिनों से बहुत चिंतित रहता है।

उसने लोगों की पूछने पर बताया कि उसके घर में बहुत सारे चूहे आ गए हैं जो उसके वजन के सामग्री को खा जाते हैं।

Hindi Moral Story | Hindi Kahaniya

कुछ दिनों तक यह सिलसिला ऐसे ही चलता रहा। यह अपना काम करते रहे और रमेश चिंता में रहा।


एक दिन रमेश ने सोचा क्यों ना में एक बिल्ली को ले आओ उस से क्या होगा कि बिल्ली सारे चूहे को आ जाइए और सारे चूहे मेरे घर से खत्म हो जाएंगे।रमेश ने ऐसा ही किया। उसने एक बिल्ली को अपने घर ले आया।यह बिल्ली देखने में थोड़ी मोटी और आलसी दिखती थी।कुछ दिनों बाद रमेश ने देखा कि जैसा उसने सोचा था, वैसा ही हुआ बिल्ली एक-एक कर सारे चूहे को खा रही थी।


रमेश की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वह बहुत खुश था।इस बिल्ली के कारण बाकी बचे चूहे बहुत परेशान थे 

तो सारे चूहे ने मिलकर एक फैसला किया कि जब तक बिल्ली बाहर रहती है, कोई भी  बिल से नहीं निकलेगा।

इस प्रकार 1 दिन बीत गया और कोई भी नहीं निकला अपने बिल से।

तभी ने सोचा चाहे तो नहीं निकल रहे हैं तो मैं क्या करती हूं। मैं मरने का नाटक करती हूं।बिल्ली टेबल के नीचे लेट गई और बिना हिले डोले दो-तीन घंटा रही।लेकिन चूहे बिल्ली की चालाकी को समझ गए थे इसलिए वे एक भी नहीं निकले।


इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें अपने दुश्मनों से हमेशा दूरी बनाकर रखना चाहिए।




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