एक बार की बात है।सीतापुर गांव में एक कंजूस रहता था।उसके पास। ढेर सारा सोना था । उसे खर्च करने की जगह कंजूस ने उसे बगीचे में छिपा रखा था । 


Moral-Hindi-Story


एक दिन एक चोर ने कंजूस को सोने की अशर्फियाँ गिनते देख लिया । रात में चोर ने आकर जमीन खोदा और धन चुरा लिया । अगली सुबह जब कंजूस उसे गिनने गया तो सब गायब देख घबरा गया और जोर - जोर से रोने लगा कि सोना चोरी हो गया । रोना सुनकर पड़ोसी भागे आए । एक पड़ोसी ने कहा , " अपना सोना तुम्हें घर में रखना था जिससे तुम खर्च कर पाते । " क्रोधित होता हुआ कंजूस बोला , “ मुझे अपना धन खर्च करना पसंद नहीं । " पड़ोसी ने एक पत्थर उठाकर गड्ढे में फेंका और कहा , " फिर तुम्हारे सोने और इस पत्थर में कोई अंतर नहीं है । 


शिक्षा : धन का उपयोग न होने पर वह पत्थर के ही समान है ।

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